कल तक थी जो नौ बरस की,
आज वो बेटी है उन्नीस की..
बाबा को चिन्ता तो होगी ही !!
कल तक चलती थी जो उंगली थामे,
आज वो चलती है इठला के..
बाबा को चिंता तो होगी ही !!
कल तक जो घर से थी न निकली,
आज वो घर से दूर है रहती..
बाबा को चिंता तो होगी ही !!
बेटी है बिल्कुल चिडिया जैसी,
और ये दुनिया जनम शिकारी..
बाबा को चिंता तो होगी ही !!

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